Category: Guruji Ravindra Sharma

  • Modernity through Indian eyes
    – Part (2/2)

    We are living through the times of fast changes. In such transient times, it is really difficult to hold onto anything dearly, but should there be any yardstick of what to accept and what not? The yardstick can truly be the essence on which Bharatiyata stands. The present article is an English translation by *Shri…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • Modernity through Indian Eyes – Part I

    We are living through the times of fast changes. In such transient times, it is really difficult to hold onto anything dearly, but should there be any yardstick of what to accept and what not? The yardstick can truly be the essence on which Bharatiyata stands. The present article is an English translation by *Shri…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 3

    General Introduction to Shilpa Vyavastha 6. Agni Purana covers Murthy Vidhya (iconography). Like the encyclopaedic nature of any Purana, the Agni Purana too contains many topics apart from the main storyline which have been documented. 7. Brahmanda Purana covers mostly architecture, some sections on arts and certain crafts too. Like the encyclopaedic nature of any Purana…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 2

    General Introduction to Shilpa Vyavastha It was the year 1982, that we were visiting Belur and Halebidu – the ancient temple sites of Belur Chennakeshava a Vaishnavaite temple and Halebidu Hoysaleshwara a Shaivite temple. I was marvelling at the architecture and the carvings. We didn’t have ‘Smartphones’ in those days and a camera was a…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 1

    Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 1

    Aesthetic architecture, Simple Civil Engineering, Sustainable & Eco-Friendly Construction An Introduction to the Shilpa Vyavastha of Bharata Before commencing this blog, I would like to express my sincere gratitude, Sashtaanga Namaskarams and Pranamas at the lotus feet of my dearest Late Shri Ravindra Sharmaji(Guruji) of Kala Ashram, Adilabad, Telengana, Bharata for inspiring my quest for…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • धर्मपाल – रवीन्द्र शर्मा गुरुजी – आधुनिकता: भाग ५

    धर्मपाल – रवीन्द्र शर्मा गुरुजी – आधुनिकता: भाग ५

    गुरुजी (रवींद्र शर्मा जी) ने भारत का जो दर्शन किया – कराया है, वह वाचिक परंपरा के माध्यम से ही हुआ है, जिसके महत्त्व को लेकर धीरे धीरे स्वीकार्यता बढ़ रही है। गुरुजी अपनी प्रलय के पहले बीज संरक्षण की जो प्रसिद्ध कथा सुनाते हैं, कुछ उसीसे जुड़ा हुआ परंपराओं के अभिलेखीकरण का कार्य विगत…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • धर्मपाल – रवीन्द्र शर्मा गुरुजी – आधुनिकता: भाग ४

    धर्मपाल – रवीन्द्र शर्मा गुरुजी – आधुनिकता: भाग ४

    गुरुजी (रवींद्र शर्मा जी) ने भारत का जो दर्शन किया – कराया है, वह वाचिक परंपरा के माध्यम से ही हुआ है, जिसके महत्त्व को लेकर धीरे धीरे स्वीकार्यता बढ़ रही है। गुरुजी अपनी प्रलय के पहले बीज संरक्षण की जो प्रसिद्ध कथा सुनाते हैं, कुछ उसीसे जुड़ा हुआ परंपराओं के अभिलेखीकरण का कार्य विगत…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (५/५)

    गतांक से चालू। भाग ४ यहाँ पढ़ें। छोटी टेक्नोलॉजी में माल बेचने के लिए बिचौलिये की जरूरत नहीं होती है। इसके विपरीत बड़ी टेक्नोलॉजी में बिना बिचैलिये के माल बेचा ही नहीं जा सकता है और वहीं से ‘कमीशन बाज़ी’ का सारा खेल शुरू हो जाता है। आज पूरा का पूरा समाज ‘कमीशन बाज़ी’ के…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (४/५)

    गतांक से चालू। भाग ३ पढ़ने के लिए यहाँ click करें। चूँकि छोटी टेक्नोलॉजी में उत्पादन शून्य पर होता है, इसीलिए उसमें आज के समय के चार सबसे बड़े खर्चे – packing, transportation, advertising और tax – बिल्कुल भी नहीं होते हैं। छोटे कारखानों में, कारीगरों के अपने – अपने गाँव और अपने – अपने…

    CLICK HERE TO READ MORE

  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (३/५)

    गतांक से चालू भाग २ यहाँ पढ़ें। छोटी टेक्नोलॉजी में ‘एक’ चीज बनाने का सामर्थ्य है, जो कि बहुत बड़ी ताकत है, क्योंकि ‘एक’ चीज बनाना बहुत कठिन है। बड़े-बड़े कारखानों में ये ‘एक’ चीज बनाना संभव नहीं है, मगर छोटी टेक्नोलॉजी में कारीगर बड़ी आसानी से यह काम कर डालते हैं। वे एक चीज…

    CLICK HERE TO READ MORE