• देवालय निर्माण

    देवालय निर्माण

    जीवन में आपके समक्ष कौन कौन सी परिस्थिति उत्पन्न होगी, ये आपके अधिकार क्षेत्र से परे है, किन्तु उन परिस्थितियों को आप कौन से दृष्टिकोण से देखेंगे, ये तो आप ही निश्चित कर सकते हैं। पढ़िए *देवालय का निर्माण* अयोध्या स्थित *आचार्य श्री मिथिलेशनन्दिनी शरण जी* की कलम से।

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  • प्रश्न और उत्तर

    पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका से आने वाले मेरे अनेक मित्रों से मैं वहाँ की आदिवासी वन्य जातियों के विषय में कुतूहलपूर्ण प्रश्न पूछा करता था। उनके रहन-सहन, आदतें, चलन- व्यवहार, विचारसरणी, भावनाएँ आदि में मुझे गहरी दिलचस्पी थी और मैं अनेक प्रकार के प्रश्न पूछता, परंतु किसी भी मित्र ने स्वानुभव की या सुनी हुई…

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  • Bharathiya Shilpa Vyavastha (Part 7)

    Bharathiya Shilpa Vyavastha (Part 7)

    How can one describe temples? The Westerners might look at them as the Hindu Counterpart of the Church, but is it really so? Is a temple just a prayer hall or is there something more to it? Read Part 7 of Bharathiya Shilpa Vyavastha by Acharya Prashant V Kumar

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  • अयोध्या का पुनर्निर्माण?

    अयोध्या का पुनर्निर्माण?

    निर्माण सदा एक चुनौतीभरा कार्य होता है, पुनर्निर्माण उससे भी अधिक। जगत् का निर्माण करने वाले ब्रह्मा भी इसके लिये तप करते हैं और प्रलय के पूर्व की सृष्टि को पुनर्निर्माण का आधार बनाते हैं।

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  • गीता प्रेस को गांधी सम्मान : सैद्धांतिक दृष्टि

    गीता प्रेस को अंतरराष्ट्रीय गांधी पुरस्कार से सम्मानित किये जाने पर सहमति और असहमति को किस परिप्रेक्ष्य में देखा जाए यह महत्त्वपूर्ण प्रश्न है। कहने वालों ने तो इसे गोडसे और सावरकर को सम्मानित करने जैसा बता दिया है, जबकि अन्य आपत्तियों में गांधीजी के कुछ कार्यों जैसे स्त्री, छुआ छूत से उनके विपरीत मत…

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  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 6

    Vaastu for living (Continued) House planning was done according to the locality (Farm or Garden or Village or Town or City): Depending on where the house is being built, the design of the house would change. 

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  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 5

    Vaastu for living This is an introduction to Vaastu as it was applied for residential places. It is an insight into what was the original science behind Vaastu, which is very different from the “Directional Vaastu” as is practised currently. “Vaastu Consultants” in the present-day, stick to only the directional principles of Vaastu forgetting almost…

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  • अच्छाई के लिए प्रोत्साहन – जय प्रकाश नारायण

    अच्छाई के लिए प्रोत्साहन – जय प्रकाश नारायण

    अतीत काल में मनुष्य किसी उच्चतर नैतिक सत्ता से, जिसमें उसका विश्वास था, प्रेरित हो कर अच्छा बनने का प्रयन्त करता था; और अच्छाई के अर्थ होते थे : सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, दयालुता, चारित्र्य, नि:स्वार्थता आदि।

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  • Incentives of Goodness by Jayaprakash Narayan

    Incentives of Goodness by Jayaprakash Narayan

    Undoubtedly one of the biggest revolutionaries post independence, fondly known as Loknayak or JP, Jayprakash Narayan is a highly respected socialist leader for his critical thinking of our political dispensation. Contrary to the popular beliefs, JP elaborates the idea of the necessity of a superior non materialistic motive in front of the society to ensure…

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  • Bharathiya Shilpa Vyavastha : Part 4

    General Introduction to Shilpa Vyavastha 36. Ratna Pareeksha: Ratna Parreksha describes how to identify the nine gems and make jewellery. 37. Ratna Sangraha: This scripture contains chapters on gemmology and Jewellery making.  38. Laghu Ratna Pareeksha: Laghu Ratna Pareeksha contains the details about jewellery making and lapidary (Cutting and Polishing of gems). This treatise is…

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