Category: All Articles

  • We need Wisdom, not Civilisation

    We need Wisdom, not Civilisation

    Many years ago, at a village meeting in Garhwal, a colleague pulled out some pictures from typical garment advertisements and asked the audience what they could tell about the men in the pictures simply by looking at them.

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  • विज्ञानासुर

    आजकल फेसबुक, व्हाट्सएप, आदि सोशल मीडिया के माध्यम से जहाँ-तहाँ के फोटो, वीडियो लगातार मिल रहे हैं कि कैसे आकाश नीला और साफ़ दिखाई देने लगा है। लोग रात में तारों को आँखों से सीधे देख पा रहे हैं। कई-कई स्थानों से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित हिमालय और अन्य पर्वत शृंखलाओं के दर्शन हो रहे

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  • The Soul of the Matter

    It has been reported that Mahatma Gandhi was once asked, “What do you think of Western Civilization?”, to which he replied, “I think that would be a very good idea!” Beyond the obvious wit is a serious statement which is worthy of study.

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  • हमारी स्वयं की समझ?

    1750 में अंग्रेज़ और पश्चिम के अन्य आर्थिक इतिहासकारों के अनुसार भारतवर्ष दुनिया के कुल गैर कृषि उत्पाद का 24.5 से लेकर 33% उत्पादन करता था। यह लगभग निर्विवाद है। बहस 24.5 और 33 के बीच की है। Huntington की बहुचर्चित पुस्तक A Clash of Civilisation मैं 33% वाला आंकड़ा है। माने 1750 तक भी

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  • लॉक-डाउन, बड़े उद्योग और संचार जाति वाला समाज

    इस पूरे कोरोना प्रकरण के दो प्रमुख उप-प्रकरण सामने आ रहे हैं । एक तो ‘कोरोना वायरस’ प्रकरण और दूसरा ‘लॉक-डाउन’ प्रकरण । ‘कोरोना वायरस’ उप-प्रकरण से जो सीख मिलेगी, सो मिलेगी, पर यह ‘लॉक-डाउन’ उप-प्रकरण समाज व्यवस्थाओं के बारे में ढेरों सीख देते जा रहा है । लॉक-डाउन के बाद चारों ओर ‘हाथ कँगन

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  • लोकसंस्कृति में छूत की बीमारी और श्रद्धा मैकनिज़्म

    लोक जीवन की समस्त घटनाओं में भारतीय संस्कृति के हीं विविध रूप देखने को मिलते हैं। मुझे याद है कि बचपन में जब मुझे छोटी माता (चिकन पॉक्स) हुई थी, तो मुझे सबसे अलग रखा गया था। मेरे कमरे की विशेष सफाई और उसमें नीम के पतों का अधिकाधिक प्रयोग जैसे- विछावन और सिरहाने आदि

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