• श्रम के मूल्यांकन में विवेक की भूमिका

    हिन्द स्वराज में महात्मा गांधी ने प्रश्न किया था, कि वकील मज़दूर से ज़्यादा रोज़ी क्यों मांगते हैं? उनकी ज़रूरतें मज़दूर से ज़्यादा क्यों हैं? उन्होंने मज़दूर से ज़्यादा देश का क्या भला किया है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न था, जिस पर हिन्द स्वराज लिखे जाने के 113 वर्षों बाद भी पर्याप्त मनन नहीं हो…

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  • अंधेरी रात के तारे – माँ

    किशनसिंह चावडा बीसवीं शताब्दी के गुजरात के ख्यातनाम लेखक रहे हैं, जिन्होंने कई सारे वृतांत लिखे हैं। इनमें से अधिकांश प्रसिद्ध गुजराती कवि श्री उमाशंकर जोशी जी की पत्रिका संस्कृति में १९४७ के कुछ समय बाद से “जिप्सीनी आंखोथी” (जिप्सी की आंखो से) शीर्षक से प्रकाशित होते रहे हैं। इन सभी लेखों का संकलन करके

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  • BHARATHIYA – NON-TRANSLATABLE WORDS: PART 12

    This series includes words and terminologies from Bharathiya Itihasas, Puranas and other literature.

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  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (५/५)

    गतांक से चालू। भाग ४ यहाँ पढ़ें। छोटी टेक्नोलॉजी में माल बेचने के लिए बिचौलिये की जरूरत नहीं होती है। इसके विपरीत बड़ी टेक्नोलॉजी में बिना बिचैलिये के माल बेचा ही नहीं जा सकता है और वहीं से ‘कमीशन बाज़ी’ का सारा खेल शुरू हो जाता है। आज पूरा का पूरा समाज ‘कमीशन बाज़ी’ के

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  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (४/५)

    गतांक से चालू। भाग ३ पढ़ने के लिए यहाँ click करें। चूँकि छोटी टेक्नोलॉजी में उत्पादन शून्य पर होता है, इसीलिए उसमें आज के समय के चार सबसे बड़े खर्चे – packing, transportation, advertising और tax – बिल्कुल भी नहीं होते हैं। छोटे कारखानों में, कारीगरों के अपने – अपने गाँव और अपने – अपने

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  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (३/५)

    गतांक से चालू भाग २ यहाँ पढ़ें। छोटी टेक्नोलॉजी में ‘एक’ चीज बनाने का सामर्थ्य है, जो कि बहुत बड़ी ताकत है, क्योंकि ‘एक’ चीज बनाना बहुत कठिन है। बड़े-बड़े कारखानों में ये ‘एक’ चीज बनाना संभव नहीं है, मगर छोटी टेक्नोलॉजी में कारीगर बड़ी आसानी से यह काम कर डालते हैं। वे एक चीज

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  • Ek Bharat Aisa Bhi – Episode 4 – भारतीय अर्थव्यवस्था बनाम आधुनिक अर्थव्यवस्था

    एक भारत ऐसा भी के पिछले अंक में हमने भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित एक कहानी सुनी, जिसमें एक कुम्हार की कहानी थी। उस कहानी को सुनकर हमारे कई दर्शकों के मन में भारतीय अर्थव्यवस्था के विषय में जिज्ञासा उत्पन्न हुई, जिसके समाधान हेतु हम लेकर आए हैं एक भारत ऐसा भी का अगला अंक, जिसमें

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  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (२ / ५)

    गतांक से चालू भाग १ यहाँ पढ़ें। छोटी टेक्नोलॉजी इतनी सरल होती है, कि उसको कहीं भी ले जाया जा सकता है, जबकि बड़ी टेक्नोलॉजी एक जगह स्थिर होकर रहती है। भारतीय सभ्यता में जो टेक्नोलॉजी है, उसको चाहते, तो बहुत बड़ी भी बनाया जा सकता था, मगर टेक्नोलॉजी को इतना सरल, इतना छोटा करके

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  • आधुनिकता और टेक्नोलॉजी (१ / ५)

    गुरुजी श्री रवीन्द्र शर्मा जी के अनुसार भारतीयता और आधुनिकता के अंतर को समझने का एक आसान सा तरीका भारतीय टेक्नोलॉजी और आधुनिक टेक्नोलॉजी के अंतर को समझ लेना भी है। बहुत सारी अन्य चीजों को समझने के साथ-साथ, गुरुजी आधुनिकता को समझने के लिए आज की टेक्नोलॉजी और उसके परिणामों को बहुत ही विस्तार

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